यूको बैंक सेविंग और करंट अकाउंट मे क्या अंतर है?

यदि आप जानना चाहते है यूको बैंक सेविंग और करंट अकाउंट मे क्या अंतर होता है तो इस आर्टिकल मे आपको अपने प्रश्नों का उत्तर मिल जाएगा दोस्तों शायद आपको पता होगा बहुत पहले की बात है लोगो के पास जो भी पैसे बचते थे वे अपने घरो मे ही बक्से, गोलक मे जमा करते थे उसके बाद बैंको का प्रचलन पढ़ा बैंको द्वारा लोगों मे मैसेज गया आप हमारे यहाँ अपना पैसा जमा किजिये आपके जमा पैसे पर ब्याज भी देंगे आपका पैसा हमारे बैंक मे सुरक्षित रहेगे लोगों मे बैंको की तरफ झूकाव हुआ और अपने घरो मे पैसा रखने के बजाय बैंको मे रखने लगे क्योंकि लोगों मे समझ आ गई घर मे पैसे रखने से उनका पैसा ज्यों की त्यों रहता है और बैंक मे पैसा रखने से ब्याज मिलता है उनका पैसा बढ़ता है इस प्रकार आज के समय मे प्रत्येक व्यक्ति का खाता बैंक मे है पैसे जमा करते है जिनका खाता नही है वे लोग भी अपना खाता ओपेन करवा रहे है दोस्तों भारत मे सरकारी और प्राईवेट अनगिनत बैंक है सभी बैंको का अलग अलग नियम कानून है अगर आप सर्वप्रथम किसी बैंक मे जाते है अकाउंट ओपेन कराने के लिए तो आपको एक फ़ार्म दिया जाता है फ़ार्म मे एक आॅप्सन सेविंग और करंट अकाउंट ओपेन कराना है ये आपको चूनना होता है हम इस आर्टिकल मे सेविंग और करंट अकाउंट की चर्चा करेंगे इनमे क्या अंतर होता है यदि आप नही जानते तो पूरी आर्टिकल जरूर पढ़े और समझे, दोस्तों सभी बैंको के सेविंग और करंट अकाउंट के लाभ नुकसान नियम की बात की जाये तो लगभग बराबर ही होता है आप मै यूको बैंक के सेविंग और करंट अकाउंट के बीच क्या है बताने जा रहा हूँ आप लगभग इससे सभी बैंको के सेविंग और करंट अकाउंट मे भी अंतर समझ सकते है-

यूको बैंक सेविंग और करंट अकाउंट मे क्या अंतर है?
यूको बैंक सेविंग और करंट अकाउंट मे क्या अंतर है?


सबसे पहले जानिये यूको बैंक सेविंग अकाउंट के फायदे और नुकसान

1. सेविंग अकाउंट को बचत खाता भी कहा जाता है ये खाता आम लोग मजदूर और महीने मे सैलरी पाने वाले ओपेन कराते है घर मे खर्च करने के बाद जो भी थोड़ी बहुत पैसे बचते है बचत खाता मे जमा कर सके, भारत मे आम नागरिक गरीबी श्रेणी मे लगभग 80% से ज्यादा है इसलिए भारत के सभी बैंको मे सबसे ज्यादा सेविंग अकाउंट (बचत खाता) की संख्या बहुत है और दिन-प्रतिदिन सेविंग अकाउंट ओपेन कराने वाले की कतार बैंको मे लगी रहती है, एक बात तो आप समझ ही गए होगे हिन्दुस्तान मे अनगिनत बैंक है इन सभी बैंको द्वारा सेविंग अकाउंट मे न्यूनतम राशि लगभग 500-5000 तक हमेशा रखना अनिवार्य होता है खाता को मेनटेन ना रखने कि स्थिति मे बैक फाईन लगाकर पैसे वसूल भी करते रहता है जो की जब आप अकाउंट मे पैसे जमा करेंगे उसमे से काट लेता है!

2. हिन्दुस्तान मे अनगिनत बैंक है सभी बैंक अपने सेविंग अकाउंट ग्राहकों उसके खाता मे जमा रूपय पर सालाना 3 से 6 प्रतिशत तक ब्याज देती है अगर आप सेविंग अकाउंट ओपेन कराना चाहते है तो सबसे पहले उस बैंक मे जाकर जरूर पता कर ले बचत खाता मे रखे रूपय पर कितना प्रतिशत ब्याज देता है एक बात आपको ये भी समझ लेना जरूरी है बैंक द्वारा ब्याज देने कि प्रक्रिया मे बदलाव होते रहती है!

3. एटीएम कार्ड जिसे डेबिट कार्ड भी कहा जाता है ऐसे तो डेबिट कार्ड कई तरह के होता है भारतीय सभी बैंक अपने ग्राहकों को उनके मांग के अनुसार डेबिट कार्ड देते है मगर यूको बैंक की बात करे तो यूको बैंक दो तरह का डेबिट कार्ड सेविंग अकाउंट खातेदारों को देती है पहला रूपय डेबिट कार्ड और दूसरा वीज़ा डेबिट कार्ड, भारतीय कंपनी द्वारा रूपय कार्ड बनाया गया है इसलिए सिर्फ भारत मे कही भी रूपय डेबिट कार्ड के प्रयोग से एटीएम मशीन से पैसे निकालने, होटलों रेस्तराओं में स्वैप मशीन के जरिए पेमेंट, आनलाईन खरीदारी मे पेमेंट, बिजली बिल, मोबाइल रीचार्ज इत्यादि का पेमेंट कर सकते है, दूसरी अगर वीज़ा डेबिट कार्ड की बात करे तो इसे अमेरिकन कंपनी द्वारा बनाया गया है और भारतीय बैंको के माध्यम से मिल जाता है इस कार्ड के प्रयोग देश विदेश सभी जगहों पर मान्य है इसलिए देश विदेश कही भी वीज़ा डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते है!

4. भारतीय बैंक रूपय डेबिट कार्ड के लिए ग्राहकों से मामूली फीस चार्ज करता है मगर वीज़ा, मास्टर, मैस्ट्रो डेबिट कार्ड के लिए कुछ ज्यादा ही शुल्क वसूल करता है, सभी बैंको द्वारा नियम है डेबिट कार्ड के जरिए एटीएम मशीन से पैसे निकालने की क्रमशः पांच ट्रांजैक्शन महीने मे फ्री देता है उसके अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर जितनी बार पैसे निकालेगे उतनी बार फिस लेता है तथा सेविंग अकाउंट मे प्रतिदिन निकासी और जमा करने पर भी लिमिट बैंक द्वारा लगा होता है!

5. भारत मे जब से 4g इंटरनेट आया है तब से भारतीय बैंको द्वारा अपने ग्राहकों को नेटबैंकिग और मोबाइल बैंकिग कि सुविधा उपलब्ध करा दी है इसके जरिये आनलाईन पैसो का आदान प्रदान और मोबाइल रीचार्ज, बिजली बिल भुगतान, इत्यादि जैसे सेवाओ का लाभ नेटबैंकिग और मोबाइल बैंकिग के जरिए कर सकते है!

अब जानिये यूको बैंक करंट अकाउंट के फायदे और नुकसान-

1. दोस्तों अब तो आप समझ गये होंगे सेविंग अकाउंट मतलब बचत खाता साधारण आम आदमी ओपेन कराता है मगर करंट अकाउंट चालू खाता साधारण लोग ओपेन नही कराते करंट अकाउंट छोटे-बडे बिजनेसमेन ही ओपेन कराता है सेविंग अकाउंट मे पैसे जमा और निकासी मे लिमिटेशन होता है लेकिन करंट अकाउंट मे कोई लिमिट नहीं होता आप जितना चाहे उतना पैसे डाल सकते है निकाल सकते है और एक दिन मे हजारों ट्रांजैक्शन तथा रूपय जमा कर सकते है जैसे की आप फ्लिपकार्ट कंपनी या छोटे बड़े व्ययपारी से समझ सकते है उनलोगों के पास अनेक कर्मचारी सामानो की खरीदारी इत्यादि लेन देन काफ़ी करना होता है सेविंग अकाउंट ओपेन कराने से इन्हे नुकसान का सामना करना परेगा इसलिए करंट अकाउंट ओपेन कराते है लिमिटेशन का झंझट नहीं होता है!

2. सेविंग अकाउंट मे रखे रूपय पर सालाना ब्याज मिलता है मगर करंट अकाउंट चालू खाता के लिए कुछ भी ब्याज नही दिया जाता है, सेविंग अकाउंट मे न्यूनतम राशि 500, 1000, 2000, 50000 तक रखना अनिवार्य होता है लेकिन करंट अकाउंट मे क्रमशः 10000 से उपर रखना अनिवार्य है!

3. करंट अकाउंट वाले ज्यादातर बिजनेसमेन होते है इसलिए उनको देश विदेश सभी जगहों प्रोडक्ट या अन्य सामग्री का खरीद फरोख्त इत्यादि का सामना करना पड़ता है इसलिए बैंक कि तरफ से इनलोगो को इंटरनेशनल डेबिट कार्ड ही लेना जरूरी होता है जैसे की भारत मे अनेक बैंक है मास्टर, वीज़ा, मैस्ट्रो जैसे इंटरनेशनल डेबिट कार्ड ग्राहकों के मांग के अनुसार देती है, चेक बूक से तो आप समझ ही सकते है बिजनेसमेन छोटी से छोटी रकम किसी को देने के लिए चेक काट कर देता है करंट अकाउंट वाले चेक बूक का यूज ज्यादा ही करते है!

4. सेविंग अकाउंट खातेदारों की तरह करंट अकाउंट चालू खाता धारक को भी नेटबैंकिग की सुविधा बैंक द्वारा दिए गये है अनलिमिटेड नेटबैंकिग के जरिए पैसों का आदान प्रदान कर सकते है, नेटबैंकिग बिजनेसमेनो को वरदान की तरह है आसानी से बिना बैंक गये अपने करंट अकाउंट को मैनेज करते रहते है!

दोस्तों यदि सेविंग और करंट अकाउंट की जानकारी अच्छी लगी हो तो शेयर कमेन्ट जरूर किजिये!!!